लुधियाना (08 जुलाई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश का आर्थिक तंत्र मजबूत हुआ है। देश में औद्योगीकरण बढ़ा है, अब हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। लुधियाना भारत का मैन्चेस्टर है। यहां के उद्योगपतियों ने बड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। लुधियाना में निर्मित ए-वन और हीरो साइकिल्स देश-दुनिया में मशहूर हैं। पंजाब के निवेशक देश की आर्थिक समृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख ध्वजवाहक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुधियाना में हुये इंटरैक्टिव सेशन, वन-टू-वन चर्चा और संवाद सत्रों में यहां के उद्योगपतियों से 15 हजार 606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 20 हजार से अधिक रोजगार का सृजन होगा। हमने लुधियाना और पंजाब के उद्योपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आमंत्रित किया। साथ ही उन्हें मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधनों के साथ राज्य की औद्योगिक नीतियों से भी अवगत कराया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पंजाब की उद्योग नगरी लुधियाना में मध्यप्रदेश में निहित निवेश की संभावनाओं के संबंध में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र प्रदेश है, जहां पन्ना जिले में हीरा तो शहडोल में आयरन डिपाजिस्ट्स है। बीते दिनों सिंगरौली जिले में सोने की खदानें भी मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश की रत्नगर्भा भूमि में निवेश करने के लिए आत्मीयता से आमंत्रित करते हुए कहा कि यहां व्यापार की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करने वाले उद्योगपतियों में टेक्सटाइल सेक्टर से नाहर ग्रुप के सीएमडी दिनेश ओसवाल, एसईएल ग्रुप के सीएफओ नवनीत गुप्ता और बॉन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मंजीत सिंह शामिल रहे। स्टील क्षेत्र से टीके स्टील समूह के एमडी लोकेश जैन ने प्रदेश में संभावित निवेश अवसरों पर चर्चा की। फार्मास्यूटिकल्स, एथेनॉल एवं रसायन क्षेत्र से आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के एमडी वरिन्दर गुप्ता और एमआरएम मेध्या ग्रीनटेक के डायरेक्टर पुनीत अग्रवाल ने निवेश प्रस्ताव रखे।