धार (09 अप्रैल 26)। धार में मिर्च व्यापारी देवकृष्ण पिता लक्ष्मण पुरोहित की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मिर्च व्यापारी की हत्या लूट के इरादे से नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते की गई। इस हत्या की साजिश व्यापारी की ही पत्नी प्रियंका ने रची थी। पुलिस ने प्रियंका के प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही जिसे हत्या की सुपारी दी गई थी वह फरार है, उसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार पत्नी प्रियंका से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल किया। प्रियंका ने पुलिस को बताया कि देवकृष्ण के साथ उसकी शादी साल 2015 में हुई थी। साल 2017 में पारिवारिक शादी समारोह में उसकी मुलाकात कमलेश नामक युवक से हुई, तब से ही दोनों में दोस्ती हुई व हर दिन बातचीत होने लगी। इसके बाद वह पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते साल 2021 में मायके चली गई और करीब तीन साल वह वहीं रही। इस बीच कमलेश और उसके बीच संबंध और बढ़ गए। इसी दौरान ही पति देवकृष्ण को प्रेमी कमलेश के बारे में पता लगा। पति ने उसे समझाया व रोक-टोक करना शुरू कर दी। पुलिस को प्रियंका ने बताया कि वह बहुत रोक-टोक करता था, जिससे वह तंग आ गई थी। यह बात उसने अपने प्रेमी कमलेश को बताई। करीब दस दिन पहले दोनों ने तय किया कि कैसे भी पति देवकृष्ण को रास्ते से हटाना है। व्यापारी की हत्या के सात दिन पहले ही वह ससुराल आई थी। प्रेमी कमलेश ने सरदारपुर तहसील के ग्राम छंडावदा निवासी सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी को व्यापारी की हत्या के लिए एक लाख रुपए की सुपारी दी। 2 अप्रैल को सबसे पहले हत्या की योजना बनाई गई, किंतु आरोपी सुरेंद्र के राजोद नहीं पहुंचने पर उस दिन व्यापारी देवकृष्ण बच गया। इसके पांच दिन बाद यानी 7 अप्रैल की रात हत्या कर दी।
आरोपी प्रेमी कमलेश से पूछताछ में पता चला कि हत्या के कुछ घंटे पहले तक वह गांव में ही था। करीब 11 बजे उसने सुरेंद्र को व्यापारी का घर बताया और खुद राजगढ़ भाग गया। इस दौरान वह प्रेमिका के संपर्क में भी रहा। प्रेमिका ने जानबूझकर घर का मुख्य दरवाजा रात में खुला छोड़ दिया, जिसका फायदा सुरेंद्र घर में घुसा और पलंग पर सो रहे देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। जब सुरेंद्र घर में घुसा तब प्रेमिका ने ही आरोपी को बताया था कि पति अंदर सो रहा है। करीब आधे घंटे बाद प्रियंका चिल्लाई तो पड़ोसी युवती घर पहुंची व घर के दूसरे हिस्से में सो रहे परिवार के लोगों को उठाया।पुलिस के अनुसार शुरूआती जांच में ही पुलिस को प्रियंका के बयानों पर संदेह हुआ। घटना के एक दिन पहले 6 अप्रैल को कमलेश व प्रियंका में कई बार बातचीत हुई। वहीं सोने-चांदी के गहने गायब होना बताए गए जबकि लूट का सामान घर में ही रखा मिला। जिससे पूरी कहानी पर शक और गहरा गया। सिर पर 12 इंच गहरा घाव था, जिससे यह लगा कि यह सामान्य लूट नहीं, बल्कि रंजिश लग रही थी। प्रियंका के बयानों में बार-बार बदलाव था। साइबर टीम, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी साक्ष्यों ने शक की सुई पत्नी की ओर मोड़ दी। यहीं से पुलिस को शंका हुई। जब प्रियंका से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया।