इंदौर (27 नवंबर 25)। संविधान दिवस के अवसर पर आंबेडकर प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह तथा वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे, चुनाव आयोग की पारदर्शिता और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा में दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश का लोकतंत्र आज अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग की साख बचाने के नाम पर 272 रिटायर्ड जज, आईएएएस और आईपीएस अधिकारियों से समर्थन में हस्ताक्षर करवाए, जिनमें से कई भाजपा-आरएसएस से जुड़े हुए और गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा जिन लोगों के घरों से करोड़ों रुपये मिले हैं, वही चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं। आयोग पूरी तरह बेईमानी पर उतर आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को लोकतांत्रिक संस्थाओं से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियों से स्वयं को अलग रखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाना अब युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव में 65 लाख से अधिक भारतीय नागरिकों को मताधिकार से वंचित किया गया और चुनाव आयोग मोदी सरकार की कठपुतली की तरह काम करता दिखाई दिया। अगर नागरिकता छीनी गई और मनचाही वोटर लिस्ट तैयार कर दी गई, तो देश लोकतंत्र नहीं, सिर्फ एक तंत्र के हवाले हो जाएगा। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है। राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने एसआईआर प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि मतदाता सूची से मनमाने ढंग से नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में लगे बीएलओ लगातार दबाव, अव्यवस्था और अपारदर्शिता का सामना कर रहे हैं। यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रही, तो चुनावी विश्वसनीयता पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। कार्यक्रम का संचालन शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने किया तथा आभार जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने व्यक्त किया।