नईदिल्ली (02 दिसंबर 25)। मंगलवार को संसद के बाहर संयुक्त विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची के SIR के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता और सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'हम लोकतंत्र को बचाने और अन्याय के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।' संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की तैयारी के बीच कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को SIR अभ्यास के खिलाफ अपना विरोध शुरू कर दिया। इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने आज की संसदीय कार्यवाही से पहले संसद के मकर द्वार के बाहर अपना प्रदर्शन शुरू किया।
शीतकालीन सत्र के पहले दिन भी लोकसभा में कई बार दोपहर और बाद में स्थगन देखा गया, क्योंकि विपक्षी सदस्य 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर अभ्यास पर चर्चा करने की मांग पर अड़े थे। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा, 'इंडिया गठबंधन ने कल सुबह फैसला किया था कि हम एसआईआर और चुनाव सुधार संबंधी चीजों पर चर्चा पर जोर देंगे। आज, हम उसी मांग को लेकर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी सांसद संसद के बाहर विरोध करने जा रहे हैं।' टैगोर ने आगे कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर बहस चाहता है, क्योंकि यह नागरिकों के मतदान के अधिकार से संबंधित है।
उन्होंने कहा, 'मैंने एजेंडा प्रस्ताव भी दिए थे, और हमें उम्मीद है कि उन्हें स्वीकार किया जाएगा। हम उस विषय पर बहस चाहते हैं। सरकार को इस महत्वपूर्ण मुद्दे से भागना नहीं चाहिए, क्योंकि मतदान का अधिकार दांव पर है। बिहार में 62 लाख मतदाताओं को हटा दिया गया है। इसे अब 12 राज्यों में लागू किया गया है। बहुत से बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) आत्महत्या कर रहे हैं। हम भारत के लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते थे, और इसके लिए हमें संसद में बहस की जरूरत है।'