नईदिल्ली (12 मई 26)। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि संसद के निचले सदन के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 850 करना एक 'मज़ाक' है और इससे यह सदन चीन की पीपुल्स कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस का एक 'देसी' संस्करण बन जाएगा। हालांकि, भाजपा नेताओं ने उनके इस बयान का विरोध किया। रविवार को कैलिफ़ोर्निया में आयोजित 'स्टैंडफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026' में भाग लेते हुए भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने कहा कि परिसीमन एक 'लोकतांत्रिक आवश्यकता' है, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने संसद की संरचना को स्थिर बनाए रखने को 'बेतुका' बताया।
लोकसभा की वर्तमान सदस्य संख्या 543 है। लोकसभा सदस्य तेजस्वी सूर्या ने थरूर के बयान का जवाब देते हुए कहा कि, '1971 की जनसंख्या के आधार पर 2026 में 140 करोड़ लोगों वाले लोकतंत्र की आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जा सकता।' उन्होंने थरूर के उस उदाहरण का प्रतिवाद किया जिसमें उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस का उल्लेख किया था, जिसकी सदस्य संख्या 1929 से 435 ही बनी हुई है। भाजपा नेता और तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने दक्षिणी राज्य की कुल प्रजनन दर भारत में सबसे कम है और जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद, उत्तर भारतीय राज्यों को स्वाभाविक रूप से अधिक संख्या में सांसद मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, 'अब यह उत्तर भारतीय राज्यों और दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच एक बड़ा मोल-तोल है ताकि एक निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके और एक ऐसी संख्या पर पहुंचा जा सके जिसमें किसी को भी नुकसान न हो।' ये तीनों नेता 'स्टैनफोर्ड इंडिया पॉलिसी एंड इकोनॉमिक क्लब' द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में 'इंडिया, यानी भारत: वृद्धि, शासन और पहचान' शीर्षक वाले सत्र में भाग ले रहे थे।