ग्वालियर (22 सितंबर 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा केवल कौशल और विशेषज्ञता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिक्षा की सार्थकता तभी है जब विद्यार्थी अपने जीवन पथ पर वंचित और गरीब व्यक्तियों को साथ लेकर चलें। स्वस्थ व सभ्य समाज वही होता है, जिसमें पिछड़े लोगों के प्रति सहानुभूति व संवेदनशीलता हो। राज्यपाल पटेल ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधि प्राप्त सभी विद्यार्थियों, पालकों व गुरुजनों को बधाई व शुभकामनायें दीं।
राज्यपाल पटेल की अध्यक्षता एवं विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में 89 विद्यार्थियों को पीएचडी, 43 विद्यार्थियों को 61 गोल्ड मैडल एवं 132 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गईं। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांतसमारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का दिन नहीं है, यह जीवन के नए अध्याय का शुभारंभ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी सफलता की ऊँचाईयों पर भी अपने पालकों व गुरुजनों के सहयोग को भूलेंगे नहीं और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। साथ ही संस्कारित और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों को सीख दी कि जीवन में सुख-समृद्धि आने पर अभिमान मत करना और कठिनाई आने पर निराश मत होना। राज्यपाल पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय को नैक से A++ ग्रेड एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से श्रेणी-1 मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही कहा खुशी की बात है कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक व प्रशासनिक उन्नयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ 4 एमओयू किए हैं।