Wednesday, 30 Sep 2026

वंदे भारत में बदलने वाला है सफर का स्वाद

नईदिल्ली (14 दसंबर 25)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को रेल भवन में अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान रेल मंत्री ने वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को उस क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे रेल यात्रा का अनुभव और भी खास बनाया जा सके।

रेल मंत्री ने कहा कि स्थानीय व्यंजनों को शामिल करने से यात्रियों को सफर के दौरान सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद का अनुभव भी मिलेगा। वंदे भारत ट्रेनों से शुरू होने वाली यह पहल भविष्य में चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों में लागू की जाएगी। फिलहाल उत्तर भारत में चलने वाली अधिकांश वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को लगभग एक जैसा भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके उलट दक्षिण भारत में संचालित वंदे भारत ट्रेनों में पहले से ही स्थानीय भोजन को मेन्यू का हिस्सा बनाया गया है। इनमें इडली, वड़ा, केसरी, सांभर, उपमा, मेदु वड़ा और पोंगल जैसे लोकप्रिय व्यंजन शामिल हैं, जिन्हें यात्रियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

बैठक के दौरान रेल मंत्री ने टिकट बुकिंग में फर्जी पहचान पर लगाम लगाने को लेकर की गई कार्रवाई की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूजर्स की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी आईडी पर रोक लगाने के लिए सख्त सिस्टम लागू किया गया है। इसके बाद आईआरसीटीसी वेबसाइट पर रोजाना बनने वाली नई यूजर आईडी की संख्या घटकर करीब 5000 रह गई है। सुधारों से पहले यह आंकड़ा रोजाना लगभग एक लाख तक पहुंच जाता था। इन प्रयासों के चलते भारतीय रेलवे अब तक 3.03 करोड़ फर्जी आईआरसीटीसी खातों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय कर चुका है। इसके अलावा 2.7 करोड़ यूजर आईडी को या तो अस्थायी रूप से बंद किया गया है या संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर बंद करने के लिए चिह्नित किया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री और राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टिकट सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए, जिससे हर यात्री एक वास्तविक और प्रमाणिक यूजर आईडी के जरिए आसानी से टिकट बुक कर सके।

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