नईदिल्ली (02 अप्रैल 25)। वक्फ संशोधन बिल संसद में पारित कानून है। इसे कैसे नहीं मानोगे, सबको मानना ही पड़ेगा। लोकसभा में वक्फ बिल पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ लोगों के इन बयानों पर कि वे इस नए कानून को नहीं मानेंगे, दो टूक कहा कि इसे मानना पड़ेगा, क्योंकि यह संसद में पारित कानून है।
गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर बोलते हुए कहा कि वह इस बिल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने सुबह 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुना और कहा कि कुछ लोग या तो अनजाने में या राजनीतिक कारणों से भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने वक्फ का अर्थ समझाते हुए बताया कि यह एक अरबी शब्द है, जिसका इतिहास इस्लामिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब अल्लाह के नाम पर संपत्ति दान करना है, जो इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। शाह ने स्पष्ट किया कि दान केवल अपनी संपत्ति का किया जा सकता है, किसी सरकारी या किसी और की संपत्ति का नहीं। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर पूरी बहस हो रही है और इस पर विस्तार से जवाब किरण रिजिजू देंगे।