रायसेन (07 मार्च 25)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मखनी गांव में वक्फ बोर्ड द्वारा सात परिवारों को 7 दिन में उनकी जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया है, जिससे वहां हड़कंप मच गया है। वक्फ बोर्ड का दावा है कि यह जमीन उसकी संपत्ति है और यदि परिवार इसे खाली नहीं करते, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस मिलने के बाद से परेशान ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की। कलेक्टर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। वक्फ बोर्ड के नोटिस में कहा गया कि मखनी गांव में सात परिवारों के पास जो जमीन है, वह वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और उन्हें इसे 7 दिन के अंदर खाली करना होगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं और सरकारी खसरे में यह जमीन सरकारी घोषित है। इसके अलावा, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर भी मिला है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस जमीन पर एक प्राचीन मंदिर और श्मशान घाट स्थित है, जिनकी सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं।
पीड़ित ग्रामीण रामकली बाई ने कहा, 'हमारी जान चली जाए, लेकिन हम यह जमीन नहीं छोड़ेंगे।' रानू मालवीय ने सवाल किया, 'अगर यह वक्फ की जमीन थी, तो हमें प्रधानमंत्री आवास कैसे मिला?' प्रभुलाल ने कहा, 'हमारा मंदिर और श्मशान यहां है, हम इसे तोड़ने नहीं देंगे।' कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मीडिया से कहा, 'मामला मेरे संज्ञान में आया है। वक्फ बोर्ड ने किस आधार पर नोटिस जारी किया, इसकी जांच की जाएगी। हम दोनों पक्षों को सुनकर न्यायसंगत कार्रवाई करेंगे।' जिला प्रशासन ने अभी तक इसकी भनक न लगने की बात स्वीकारी है, जिससे सवाल उठ रहे हैं।