भोपाल (15 अप्रैल 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अखिल भारतीय वनवासी ग्रामीण मजदूर महासंघ के 7वें अधिवेशन के शुभारंभ सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर भाई-बहनों की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भोपाल में विभागों से समन्वय कर काम किया जाएगा। वनवासी भाई-बहनों तथा सभी वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने इंदौर की हुकुमचंद मिल के 4800 मजदूर भाई-बहनों के 224 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान करवा दिया है। रतलाम की सज्जन मिल के मजदूरों का बकाया भुगतान भी शीघ्र करवा दिया जाएगा। सरकार की ओर से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर तलाशने के लिए औद्योगिक निवेश के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर उद्योगपतियों के साथ अनुबंध किए गये हैं। भोपाल में 9वीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गयी। प्रदेश में रोजगारमूलक उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को जमीन आवंटन, विद्युत बिल में छूट देते हुए 70 प्रतिशत तक सरकार द्वारा सबसिडी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम, यह भारतीय मजदूर संघ का नारा है। सरकार की ओर से देशहित में काम करने वाले मजदूरों को उनका पूरा हक दिया जाएगा। वस्त्र उद्योग में कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रति मजदूर 5 हजार रुपए प्रति माह अनुग्रह राशि देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर क्षेत्र के मजदूर भाई-बहन काम की तलाश में गुजरात राज्य की सूरत स्थित हीरा फैक्ट्री में कार्य पर जाते हैं, इसके लिए अब अलीराजपुर में ही हीरा फैक्ट्री के माध्यम से रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर बीमारी के समय गरीबों/मजदूरों के उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अन्यत्र भेजने की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। गरीबों के उपचार के लिये प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है।