Wednesday, 30 Sep 2026

वन्यजीवों के बेहतर संरक्षण का आदर्श केन्द्र बना मप्र

भोपाल (30 जुलाई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को टाईगर स्टेट का गौरव प्राप्त है, हमारे राज्य में 9 टाईगर रिजर्व हैं। बाघ सहित सभी वन्यजीवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इनके संरक्षण और उनके बेहतर प्रबंधन के आदर्श केन्द्र के रूप में मध्यप्रदेश की पहचान बनी है। वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने के साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को नागपंचमी की बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीवों के परिवहन के लिए तीन वन्यजीव वाहन, तीन वन्य जीव चिकित्सा वाहन और दो डॉग स्क्वायड रेस्क्यू वाहनों का लोकार्पण किया। उन्होंने वन्यजीव परिवहन के लिए वाहनों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनकर्मियों के अथक प्रयासों से प्रदेश में वन क्षेत्र समृद्ध हो रहा है और वन्यजीवों की संख्या भी बढ़ रही है। मध्यप्रदेश बाघ और मनुष्य के एक साथ रहने के उदाहरण के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच को क्रियान्वित करते हुए प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन में भी सफल रहा है। राज्य में रातापानी को आठवें टाईगर अभ्यारण्य का दर्जा मिला है। राज्य सरकार ने उज्जैन और जबलपुर में जू (चिड़ियाघर) और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर विकसित करने की योजना बनाई है। यह केवल पारंपरिक जू नही होंगे, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिये समर्पित “वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर” के रूप में विकसित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण संबंधी गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। 



  


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