नईदिल्ली (23 जुलाई 24)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 'विकसित भारत के लिए बजट' की संकल्पना लेकर देश की संसद के सामने बजट 2024-25 रखा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में इनकम टैक्स के मोर्चे पर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने और अगले पांच साल में रोजगार के मौके बनाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये के बजट एलोकेशन की घोषणा की। सीतारमण ने अपना सातवां और नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए कहा 'ऐसे समय जब दुनिया में अनिश्चिततताएं हैं, भारत की आर्थिक विकास दर एक एक्सेप्शन यानी अपवाद बनी हुई है और आने वाले सालों में भी ऐसा ही रहेगा।' वित्त मंत्री ने एनडीए गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए कई ऐलान किए। वित्त मंत्री ने बिहार के लिए एक्सप्रेसवे, बिजलीघर, हेरिटेज कॉरिडोर और नए हवाई अड्डों जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्सके लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन करने की घोषणा की। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन बजट में बिहार को यह आर्थिक मदद सब्सिडी या कैश मदद के रूप में नहीं है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश के लिए कई एजेंसियों के जरिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में तेलुगुदेशम पार्टी (TDP) हाल ही में एनडीए में शामिल हुई है।
निर्मला सीतारमण ने बजट में ग्रामीण विकास के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये का एलान किया। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का बजट एलोकेशन किया जो देश की (जीडीपी का 3.4 फीसदी है. वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए है।शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ किफायती आवासों के निर्माण के लिए सहायता, छोटे और मझोले उद्यमों को कर्ज सहायता प्रदान की गई है।