रावलपिंडी (09 मई 25)। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार देर रात भारत के कई इलाकों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा तंत्र ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारतीय थल, जल और वायुसेना ने पाकिस्तान के बड़े शहरों पर सामूहिक हमले किए। इन हमलों से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया और खबरें आ रही हैं कि कई पाकिस्तानी अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए विदेश भागने के प्रयास में हैं।
पाकिस्तान द्वारा भारत पर हमले के प्रयास के तुरंत बाद, भारतीय सेना की तेज और सटीक प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को भयभीत कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों को एयरपोर्ट के आसपास देखा गया, जो विदेश भागने के प्रयास में थे। उच्च पदस्थ सैन्य अफसरों को इस समय एयरपोर्ट पर देखा गया और उनकी गतिविधियों से यह स्पष्ट था कि वे किसी आपात स्थिति से बचने के लिए अपने देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
यह खबर पाकिस्तान में तेजी से फैल गई और वहां के राजनीतिक और सैन्य तबकों में बड़ी घबराहट का माहौल बन गया। पाकिस्तानी नागरिकों में भी चिंता बढ़ गई कि अगर उनके आला अफसर ही देश छोड़कर भाग रहे हैं, तो उनका रक्षा कौन करेगा। पाकिस्तान में इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए और लोग सोचने पर मजबूर हो गए कि अगर जंग की स्थिति में उनकी सरकार और सेना के आला अफसर ही भाग जाते हैं, तो स्थिति क्या होगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के कई हिस्सों में ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय वायु रक्षा तंत्र ने इन सभी हमलों को विफल कर दिया। पाकिस्तान की मिसाइलों और ड्रोन को भारतीय रक्षा तंत्र ने समय रहते नष्ट कर दिया और उन्हें पूरी तरह से नाकाम कर दिया।
इसके बाद भारतीय थल, जल और वायु सेनाओं ने पाकिस्तान के कई बड़े शहरों पर सामूहिक हमले किए। इनमें भारतीय वायुसेना के राफेल और भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत जैसे शक्तिशाली अस्त्रों का इस्तेमाल किया गया। पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया और वहां भारी नुकसान हुआ। भारतीय सेनाओं के हमले की वजह से पाकिस्तान के बड़े शहरों में हाहाकार मच गया और वहां के नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इनमें से दो पाकिस्तानी JF-17 विमान और एक एफ-16 विमान शामिल थे। यह भारतीय वायुसेना की बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पर हमले किए जा रहे थे और भारत ने उनकी हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना की यह कड़ी कार्रवाई पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई।