नईदिल्ली (19 मई 24)। दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने कहा कि सतत विकास के लिए संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, अर्थव्यवस्थाओं और सामाजिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि 'दूरसंचार इसका एक अभिन्न अंग है और 2025-26 तक भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की हो जाएगी, जिसकी सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 15% होगी। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसा किसी अन्य तरीके से हो सकता है, सिवाय इसके कि हमारे पास एक बहुत मजबूत दूरसंचार नेटवर्क प्रणाली हो।'
सचिव (टी) विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी) पर दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा आयोजित गोलमेज चर्चा के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन दूरसंचार विभाग मुख्यालय में किया गया था। सचिव (टी) ने डिजिटल कम्युनिकेशन इनोवेशन स्क्वायर (डीसीआईएस) और दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) जैसी योजनाओं के साथ विभाग के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से यह बहुत सारे उद्यमियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ है जो अब अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से छोटी या बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहे हैं।