शंघाई (29 मई 24)। दुनियाभर के डायबिटीज के मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। चीन के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की एक टीम की ने टाइप 2 डायबिटीज के साथ जी रहे मरीज को बिलकुल स्वस्थ कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मरीज की उम्र 59 वर्ष है, जो 25 सालों से टाइप 2 डायबिटीज के साथ जी रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शंघाई चांगझेंग हॉस्पिटल, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के तहत सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मॉलिक्यूलर सेल साइंस और शंघाई स्थित रेनजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की एक टीम की ने ये सफलता हासिल की है। यह रिसर्च जर्नल सेल डिस्कवरी में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक अब मरीज की ग्यारह सप्ताह में बाहरी इंसुलिन पर निर्भरता खत्म हो गई है। मरीज ने धीरे-धीरे शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए दवाइयां लेना पूरी तरह बंद कर दिया है।
शोध के प्रमुख रिसर्चर, यिन के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि टैस्ट से पता चला है कि मरीज का पेनक्रियाटिक आइलेट फंक्शन पहले की तरह काम कर रहा है। मरीज 33 महीने से इंसुलिन से मुक्त हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह डायबिटीज के लिए सेल थेरेपी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।नई थेरेपी में मरीज की पेरीफेरल ब्लड मोनोन्यूक्लियर सेल की प्रोग्रामिंग शामिल है। शरीर की इन सेल्स को सीड सेल्स में बदल दिया गया। इसी के साथ आर्टिफिशियल वातावरण में पेनक्रियाटिक आइलेट टिश्यू को फिर से बनाया गया। एससीएमपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए प्रयोग में शरीर की रिजेनरेटिव कैपेसिटी का यूज किया जाता है। इसे एक रीजेनरेटिव मेडिसिन के तौर पर जाना जाता है।