जम्मू (10 अप्रैल 25)। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने माता वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टिहरी हाइड्रो डिवैल्पमैंट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह निर्णय उप-राज्यपाल जम्मू-कश्मीर मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य उन्नत भू-तकनीकी और भूभौतिकीय जांच के माध्यम से यात्रा मार्ग की दीर्घकालिक सुरक्षा और लचीलापन सुनिश्चित करना है। एमओयू पर एसएमवीडीएसबी के अतिरिक्त सीईओ आलोक कुमार मौर्य, टीएचडीसीआईएल के महाप्रबंधक डिजाइन (सिविल-II) डॉ. नीरज अग्रवाल और जीएसआई (एनआर) के उप महानिदेशक संजीव कुमार ने एसएमवीडीएसबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्राइन बोर्ड अंशुल गर्ग, टीएचडीसीआईएल और जीएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
एमओयू में तीर्थयात्रा मार्ग से एकत्रित डाटा का उपयोग भूस्खलन और चट्टानों के गिरने से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए प्रभावी उपायों को विकसित करने और लागू करने के लिए किया जाएगा। सांझेदारी तीनों संगठनों के बीच विशेषज्ञता और संसाधनों को सांझा करने की सुविधा भी प्रदान करेगी। समझौते में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की करीबी निगरानी में किए गए कार्यों के निष्पादन के साथ उपचार उपायों के लिए विशेष रूप से अर्धकुंवारी से भवन यात्रा मार्ग पर ढलान अस्थिरता के क्षेत्रों की पहचान और चित्रण करने के लिए एक व्यापक एलआईडीएआर सर्वेक्षण आयोजित करना भी शामिल है।