मंदसौर (13 सितंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही जीवन है और जल से ही जीवन का यौवन है। जल से जुड़ी पर्यटन गतिविधियों का विकास हमारा लक्ष्य है। वॉटर स्पोर्ट्स का इनार्मस एडवेंचर (असाधारण रोमांच) अब गांधीसागर बांध की एक नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांधीसागर बांध क्षेत्र का पूरा कैचमेंट एरिया और बैकवॉटर का प्राकृतिक सौंदर्य स्विट्जरलैंड की वादियों से भी ज्यादा आनंदित करने वाला है। गांधीसागर पहले से ही गिद्धों के लिए मशहूर है, लेकिन अब यहां चीता भी दौड़ रहा है। जल और वन्यजीव पर्यटन के मामले में गांधीसागर अब देश-दुनिया में मशहूर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंदसौर जिले के गांधीसागर बांध क्षेत्र में फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा बांध के बैकवॉटर एरिया में विकसित टेंट सिटी का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान पशुपतिनाथ के प्रभाव क्षेत्र में चंबल मैया के किनारे गांधीसागर का संबंध गंगाजी से जुड़ रहा है। शिप्रा नदी चंबल में आकर मिलती है और यही धारा आगे जाकर यमुना नदी में मिलती है। चंबल नदी के बगैर यमुना की धारा अधूरी है। हजारों साल से मंदसौर, नीमच और बरसों से बीहड़ रहे क्षेत्र को चंबल मैया का आशीर्वाद मिल रहा है। चंबल नदी में घड़ियाल और डॉलफिन का भी बसेरा है। चंबल का पानी स्वच्छता में सर्वोत्तम है। गंगा मैया देवभूमि उत्तराखंड से निकलती है। कोलकाता में गंगा नदी में मालवांचल की मिठास भी घुली हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल ही जीवन की धुरी है। पृथ्वी पर जीव की उत्पत्ति जल से हुई है। जल से स्नान करने पर शरीर की थकावट दूर हो जाती है। सनातन धर्म की सभी परम्पराओं और संस्कारों में जल का बड़ा महत्व है। गांधीसागर बांध क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी की शुरुआत हो गई है। अब यह सम्पूर्ण क्षेत्र वॉटर स्पोर्ट्स में रूचि रखने वाले देश-दुनिया के सभी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल में जलमार्गों से ही आवागमन होता था। उज्जैन से मां शिप्रा के माध्यम से गंगा नदी से देशभर के अन्य स्थानों तक पहुंचा जा सकता था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमें विरासत से विकास और जल संस्कृति के संरक्षण का नारा दिया है। गांधीसागर बांध क्षेत्र में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मंदसौर सिर्फ गांधीसागर के लिए नहीं, अफीम उत्पाद जिले के लिए भी फेमस है। अफीम की भाजी का स्वाद लेने का एक अलग ही आनंद है।