भोपाल (10 जून 26)। कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस मामले पर प्रेस कांफ्रेस की। इसमें मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि एसआईआर के बहाने अलग-अलग हथकंडे अपनाने वाले अब राज्यसभा के चुनाव में भी वही हथकंडे अपनाने लगे है। एक तरफ़ बीजेपी खुद को महिला हितेषी बताती है लेकिन यह बहुत स्पष्ट है कि उनकी रीति नीति क्या है? हमारे देश के सामने गंभीर समस्या है, भारत जीत पाएगा या नहीं, तानाशाही ध्वस्त होगी या नहीं। जब सदस्य संख्या पूरी नहीं होते हुए भी भारतीय जनता पार्टी ने तीसरा प्रत्याशी उतारा तो वहीं से उनके षडयंत्र की शुरुआत हो गई थी । किस तरह से संविधान को लोकतंत्र को कुचलना का काम शुरू हो गया। वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी की है, आज गंभीर समस्या हमारे सामने है ,यहां वन पार्टी सिस्टम और तानाशाही लाने की कोशिश है लेकिन पूरी पार्टी मिलकर लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस की सीट पर डकैती की गई हैं। बीजेपी ने मध्य प्रदेश के इतिहास को कलंकित किया है लेकिन देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है कांग्रेस पूरी जान लगा देगी। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी को पता था हमारे पास 63 विधायक है और उनके पास तीसरे प्रत्याशी के लिए 58 विधायक नहीं थे। सिर्फ मीडिया में ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया गया। उधर इस घटनाक्रम से हैरान कांग्रेस आलाकमान भी दिल्ली में सक्रिय हुआ और कई कांग्रेस नेता मुख्या चुनाव आयुक्त कार्यालय जा पहुंचे। कांग्रेस नेताओं में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, भूपेश बघेल आदि शामिल थे, लेकिन इन्हें सुरक्षाकर्मियों ने अंदर नहीं घुसने दिया। इस पर बहस के बाद कांग्रेस नेता वहां धरने पर बैठ गए। बाद में केसी वेणुगोपाल और भूपेश बघेल अंदर गए लेकिन उन्हें कल सुबह आने को कहा गया है।
जब दिग्गी ने बोलने से किया इंकार- इस कांन्फ्रेस में कांग्रेस के कई नेताओं ने अपने विचार रखे लेकिन इसी दौरान एक अनोखा वाक्या देखने को मिला है। दरअसल, जीतू पटवारी ने प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करने के लिए दिग्विजय सिंह से आग्रह किया, लेकिन दिग्विजय सिंह ने बोलने से ही इंकार कर दिया। इसको देखकर सब हैरान रह गए।