इंदौर (28 सितंबर 25)। मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद सीतलामाता बाजार के व्यापारियों से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बात की। इस दौरान भाजपा महिला संगठन ने उन्हें चूड़ियां भेंट करने की कोशिश की। बाजार में भगवा पताकाएं लगी होने से अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके, इसलिए चार थानों का बल तैनात था। आक्रोशित भाजपाइयों ने दिग्विजयसिंह को रोकने की कोशिश की। इसके चलते वे पैदल ही भीड़ से निकलते हुए सराफा थाने पहुंचे, जहां वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। इस दौरान इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक तीन के कांग्रेस नेता दीपक जोशी 'पिंटू' उनके साथ रहे।
दरअसल, इंदौर के सीतलामाता बाजार की दुकानों में मुस्लिम कर्मचारी को रखने को लेकर चल रहे विवाद को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सराफा थाने पहुंचे। इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन पर चूड़ियां फेंकी। विवाद की स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया। दिग्विजय सिंह के विरोध में सीतलामाता बाजार की दुकानें भगवा झंडों और बैनरों से पाट दी गई। दुकान संचालकों ने गले में केसरिया पट्टा पहना। व्यापारी एसोसिएशन का कहना है कि वे दिग्विजय सिंह का विरोध करेंगे। महिलाएं भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल है। वे चूड़ियां लेकर खड़ी थीं।
पुलिस ने अब तक एफआईआर क्यों नहीं की- मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक विधायक के समर्थक मुसलमानों को नौकरी न देने और उनके व्यापार बंद कराने की बात कह रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, क्या यह कानूनन अपराध नहीं है और अगर है तो पुलिस ने अब तक एफआईआर क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे मुसलमान हैं। जो लोग ईमानदारी से व्यापार कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, उन्हें धमकाना पूरी तरह से गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एकलव्य ने की मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की अपील- इस मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य गौड़ ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दें। गौड़ ने 25 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। चेतावनी की समय सीमा खत्म होने के बाद बाजार में असर दिखने लगा है और कई व्यापारियों ने अनिच्छा के बावजूद मुस्लिम कर्मचारियों को काम से हटा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वे कर्मचारियों को निकालना नहीं चाहते, लेकिन दबाव में ऐसा करने को मजबूर हैं। सदियों से कायम आपसी भाईचारे और एकता को खत्म किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पहले ही सक्रिय हो चुकी है।
संभागायुक्त से मिले थे जीतू और वर्मा- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल संभागायुक्त सुदामा खाड़े से मिला था। पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दो दिन में कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। दिग्विजय सिंह ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान पर कहा, कैलाश विजयवर्गीय खुद को बहुत संस्कारी और धार्मिक बताते हैं। अगर कोई भाई अपनी बहन से प्यार करता हैं और उसे गले लगाता है, तो आप इसे गलत अर्थों में क्यों लेते हैं? यह किस सनातन धर्म परंपरा के खिलाफ है? मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।