नईदिल्ली (03 मई 25)। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले के बाद भारत सरकार ने सिर्फ सीमा पर ही नहीं बल्कि डिजिटल मोर्चे पर भी पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपना ली है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के यूट्यूब चैनल को भारत में ब्लॉक किया जाना है।
भारत सरकार ने बताया कि पाकिस्तान से चलाए जा रहे कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनल्स लगातार भारत के खिलाफ भ्रामक खबरें और झूठा प्रचार फैला रहे थे। इसके चलते सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कई हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया। इन सभी पर भारत विरोधी एजेंडा फैलाने और भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर व विदेशी नीति जैसे संवेदनशील विषयों पर झूठी खबरें चलाने का आरोप है।भारत सरकार का कहना है कि यह फैसला सूचनाओं की सुरक्षा, राष्ट्रीय अखंडता और जन भावनाओं की रक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी हो गया था। कई चैनल और अकाउंट्स पाकिस्तान से संचालित एक समन्वित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिनका उद्देश्य भारत में भ्रम फैलाना और आतंकवाद को वैचारिक समर्थन देना था।
सूचना मंत्रालय ने इस डिजिटल एक्शन में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की आपातकालीन धारा का इस्तेमाल किया है। इससे सरकार को यह अधिकार मिल जाता है कि वह किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से भारत में ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दे सके, जो देश की संप्रभुता, अखंडता या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करता हो।