भोपाल (06 जनवरी 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भोपाल उत्सव मेला व्यापारिक मेला ही नहीं है, बल्कि देश की संस्कृति साहित्य और कला को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना है। मेले की देश, प्रदेश में विशिष्ट पहचान बनी है। उन्होंने मेले की सफलता के लिए मेले से जुड़े सभी हितधारकों आयोजकों और भोपाल के निवासियों को बधाई दी है। राज्यपाल पटेल भोपाल उत्सव मेला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि संस्कृति, सभ्यता और आस्था के प्रतीक होते हैं। शहर की सांस्कृतिक विरासत होते हैं। भोपाल उत्सव मेला इसका आदर्श है। उन्होंने मेले के संस्थापक स्वर्गीय रमेश अग्रवाल जी के मेला शुरू करने में योगदान की सराहना करते हुए गुजरात में उनसे मुलाकात के प्रसंगों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में परिवार के साथ आत्मीय आनंद और सुकून के पल बिताने का अवसर देने में मेलों का महत्वपूर्ण योगदान है। वास्तव में मेले सामुदायिक एकता और पारस्परिक संवाद के केंद्र होते हैं, जहां बिना किसी भेदभाव के अमीर गरीब शहरी ग्रामीण बच्चे युवा और बुजुर्ग मिलकर व्यंजनों का आनंद लेते हैं। इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, दैनिक भास्कर समूह के प्रबंध निदेशक सुधीर अग्रवाल एवं आईईएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएस यादव उपस्थित थे।