मुंबई (25 मार्च 25)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ की गई अपमाजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। फडणवीस ने यह भी कहा कि ऐसे निंदनीय कृत्यों का समर्थन करने वाले ‘अर्बन नक्सलियों' और ‘वामपंथी उदारवादियों' को सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री का यह बयान शिंदे के खिलाफ कामरा की कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच आया है। उन्होंने राज्य विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कामरा का यह कृत्य निंदनीय है।
कामरा ने मुंबई के खार इलाके में यूनिकॉन्टिनेंटल होटल के हैबिटेट स्टूडियो में अपने कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता शिंदे को कथित तौर पर ‘गद्दार' कहा था और उन्हें लेकर एक व्यंग्यात्मक पैरोडी भी गाई थी। कामरा ने 2022 में शिंदे की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री और (अविभाजित) शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के खिलाफ की गई बगावत का वर्णन करने के लिए फिल्म ‘दिल तो पागल है' के एक गाने के संशोधित संस्करण का इस्तेमाल किया था। फडणवीस ने कहा, '2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजों ने दिखा दिया कि कौन ‘गद्दार' है और कौन ‘खुद्दार' है। लोगों ने शिंदे के (शिवसेना संस्थापक) बाल ठाकरे की विरासत का सच्चा उत्तराधिकारी होने पर मुहर लगाई। उन्होंने बाल ठाकरे की विचारधारा के साथ विश्वासघात करने वालों को हराया।' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘लोगों को व्यंग्य और ‘कॉमेडी' करने की स्वतंत्रता है, लेकिन जानबूझकर (किसी व्यक्ति का) अपमान करने की इजाजत नहीं है। कामरा ने संविधान की वह लाल प्रति दिखाई, जिसे राहुल गांधी रखते हैं। दोनों ने संविधान नहीं पढ़ा है। वह (कामरा) किताब दिखाकर अपने कृत्य को उचित नहीं ठहरा सकते।' फडणवीस ने कहा, ‘संविधान कहता है कि जब आप दूसरों की स्वतंत्रता पर हमला करते हैं, तो आपकी खुद की स्वतंत्रता बाधित होती है। कामरा राहुल गांधी की संविधान की प्रति दिखाकर अपने कृत्य को उचित नहीं ठहरा सकते और कार्रवाई से बच नहीं सकते।' विधानसभा में कामरा की कथित अपमानजनक टिप्पणी का मुद्दा उठने के बाद फडणवीस ने सदन में दोहराया कि स्टैंड-अप कॉमेडियन ने शिंदे का अपमान किया है। फडणवीस ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।