नईदिल्ली (01 अक्टूबर 26)। भाजपा ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' बिखर रहा है तथा अखिलेश यादव एवं अन्य नेताओं के गठबंधन की बुधवार की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद उसके नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व को खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां संवाददाताओं को बताया, 'इंडिया गठबंधन को अलग रखिए; यहां तक कि कांग्रेस के नेता और पार्टी सदस्य भी राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। राहुल खुद, कांग्रेस कार्य समिति की बैठकों के दौरान, बार-बार गुहार लगाते हैं: 'मुझे अपना नेता स्वीकार करें, मुझ पर भरोसा करें'।' मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर संयुक्त आंदोलन की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के नेताओं की यहां हुई बैठक के बाद चौहान की यह टिप्पणी आई।
कांग्रेस ने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिये 'वोट चोरी की योजना' समेत मोदी सरकार के 'लगातार हमलों' से संविधान की रक्षा के लिये विपक्ष एकजुट है। चौहान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'कोई दृष्टिकोण नहीं, 100 प्रतिशत निराशा, और चुनावी हार के लिए पहले से ही बहाना बनाना इंडिया गठबंधन की बैठक का परिणाम है।' उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन द्वारा दो अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक प्रस्तावित मार्च लोकतंत्र को बचाने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस और उसके घटक दलों की 'वंशवादी राजनीति' को बचाने के लिए है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए। चौहान ने कहा, 'इंडिया गठबंधन बैठक होने से पहले ही बिखर गया। द्रमुक बैठक में शामिल नहीं हो रही है। अखिलेश कहीं और व्यस्त हैं। आप पहले ही मना कर चुकी थी।' चौहान ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे डिजिटल माध्यम से शामिल होंगे, जिसका अर्थ है कि यह गठबंधन में दरार का एक उदाहरण हो सकता है।
भाजपा नेता ने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है? इसलिए क्योंकि इंडिया गठबंधन राहुल गांधी जी को अपना नेता मानने को तैयार ही नहीं है। उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया जा रहा है; इसीलिए वे आ भी नहीं रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'वे राहुल को 'फिर से लॉन्च' करने की कितनी बार भी कोशिश करें, इंडिया गठबंधन उन्हें अपना नेता नहीं मानता।' चौहान ने सवाल किया, 'देश ऐसे व्यक्ति को नेता के तौर पर कैसे स्वीकार कर सकता है, जिसे खुद कांग्रेस पार्टी ही स्वीकार नहीं करती?' मंत्री ने देश में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रति विपक्षी गुट के सदस्यों के विरोध पर भी आपत्ति जताई। चौहान ने कहा, 'सही मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है और अगर इसमें गलत नाम शामिल किए जाते हैं, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि जो व्यक्ति अब जीवित नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची से हटाने पर आपको क्या आपत्ति हो सकती है?' मंत्री ने कहा कि एक 'बेहतरीन लोकतंत्र' के लिए मतदाता सूची का सटीक होना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'अगर दोहराव के मामलों में किसी एक जगह से नाम हटा दिया जाता है, तो क्या समस्या है? जो व्यक्ति देश का नागरिक ही नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में क्यों शामिल किया जाना चाहिए?'