Thursday, 01 Oct 2026

शिवसेना UBT के बागी सांसदों को मिली ‘Y+' सिक्योरिटी

नईदिल्ली (19 जून 26)। महाराष्ट्र के राजनीतिक परिद्दश्य में आज उस समय हलचल देखी गई, जब राज्य के गृह विभाग ने शिवसेना (यूबीटी) गुट के छह लोकसभा सांसदों को‘वाई'श्रेणी का सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब उनके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे में इन बागी सांसदों के शामिल होने की खबरों को लेकर गहरा राजनीतिक तनाव बना हुआ है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर' के नए चरण के रूप में देखा जा रहा है।

इन छह सांसदों को मिली ‘वाई' श्रेणी के सुरक्षा के तहत प्रत्येक को अब सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों की एक समर्पित टुकड़ी, एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी और 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जायेगी। इन छह बागी सांसदों में संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी-अजा) और ओमप्रकाश उर्फ़ ओम राजे निंबालकर (उस्मानाबाद) शामिल हैं। इस गुट के बगावत के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) में उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार तीन सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजाभाऊ वाजे (नासिक) ही बचे हैं।

इस घटनाक्रम पर बोलते हुए, शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सुरक्षा के इस कदम को 'विश्वासघात का इनाम' करार दिया। राउत ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, 'हम जानते थे कि वे पार्टी तोड़ेंगे और फिर पाला बदलने वालों की रक्षा के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करेंगे। अब, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उन्हें अंगरक्षक और कारों का काफिला मुहैया कराएंगे, जैसे कि वे कोई युद्ध जीतकर लौटे हों।' इस वरिष्ठ नेता ने दावा किया, 'आप हमें राज्य की मशीनरी से डरा रहे हैं, लेकिन हम पहले भी जेल जा चुके हैं और दोबारा जाने के लिए तैयार हैं। हम पार्टी से गद्दारी करने वालों को सबक सिखाएंगे। हम इन सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में विशाल जनसभाएं करेंगे और कांग्रेस तथा शरद पवार की पार्टी सहित महा विकास अघाड़ी हमारा समर्थन करेगी।' 

राउत ने दलबदल की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए पूछा, 'उद्धव ठाकरे इन उम्मीदवारों को चुनाव जिताने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और आप बस उन्हें अपने पाले में कर लेते हैं। क्या लोकतंत्र इसी स्तर पर आ गया है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में भाषण देते हैं, लेकिन उन्हें अपने देश के भीतर क्या हो रहा है, इस पर ध्यान देना चाहिए।' दूसरी ओर, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सूत्रों ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सुरक्षा बढ़ाना एक आवश्यक प्रशासनिक कदम था। एक पार्टी नेता ने कहा, 'जनभावनाओं और उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों की संभावना को देखते हुए, सरकार ने इन निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह ऐहतियाती कदम उठाया है।' 

Tags:

Follow us

This question is not available..!