इंदौर (05 अगस्त 25)। श्रावण माह के अंतिम सोमवार को शहर के देवालयों में आस्था, विश्वास और श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। देवगुराड़िया स्थित शिव शंकर भोलेनाथ के प्राचीन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर बाबा के दर्शन कर अपने लिए मंगलकामना की। इसी तरह परदेशीपुरा स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही। अन्नपूर्णा मंदिर स्थित भगवान शिव के मंदिर में भी देर रात तक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। शहर के अन्य शिवालों में भी ऐसा ही नजारा दिखाई दिया।
सांवरिया सेठ बने भोलेनाथ-विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य में चल रहे श्रावणी अनुष्ठान के दौरान सोमवार शाम सवारियां सेठ की मनोहारी झांकी का निर्माण किया गया, जिसके दर्शन शाम 6 बजे से प्रारंभ हुए। आश्रम पर देश की समृद्धि और जन कल्याण के उद्देश्य से 21 विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों द्वारा विशेष आराधना की गई। श्रावणी अनुष्ठान में प्रतिदिन संध्या को लक्ष्यार्चन आराधना एवं शिव महिम्न स्त्रोत के पाठ सहित भगवान शिवाशिव की आराधना के विभिन्न अनुष्ठान जारी हैं। सोमवार शाम को 6 बजे से शिव मंदिर में फूलों, पत्तियों और अन्य सामग्रियों से सांवरिया सेठ के रूप में भोलेनाथ का श्रृंगार किया गया।
अर्धनारीश्वर के रूप में किया श्रृंगार-सावन मास में पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर 108 विद्वानों द्वारा महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज के सानिध्य एवं महामडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के मार्गदर्शन में ओम नम: भगवतै वासुदेवाय तथा महामृत्युंजय महामंत्र के जाप्यानुष्ठान का आयोजन जारी है। सोमवार सुबह एवं शाम को भगवान पद्मनाभ का विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीसूक्त एवं पुरुष सूक्त से अभिषेक किया गया। सोमवार शाम हंसेश्वर महादेव का भांग, फूलों एवं पत्तियों से अर्धनारीश्वर के रूप में श्रृंगार किया गया।
गीता भवन में हुआ रुद्राभिषेक-गीता भवन में आचार्य कल्याणदत्त शास्त्री सहित पांच विद्वानों के निर्देशन में सुबह बिल्व पत्र एवं फूलों से भगवान भोले शंकर का रुद्राभिषेक किया गया। यहां प्रतिदिन सुबह 7.50 बजे से 9 बजे तक शिव स्तुति पाठ एवं 9 बजे पश्चात रूद्राभिषेक का अनुष्ठान जारी है। गीता भवन ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष राम ऐरन, मंत्री रामविलास राठी, मनोहर बाहेती, दिनेश मित्तल, प्रेमचंद गोयल, महेशचंद्र शास्त्री, हरीश माहेश्वरी आदि ने अनुष्ठान में भाग लिया। गीता भवन में चल रहे चातुर्मास में 30 अगस्त तक वृंदावन के स्वामी विश्वात्मानंद महाराज प्रतिदिन सुबह 9 से 10 तथा शाम 5.30 से 6.30 बजे तक दैनिक जीवन के लिए उपयोगी विषयों पर प्रवचन करेंगे।
स्वर्ण महल में विराजे सोमनाथ-नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर में कोलकाता से आए कलाकारों द्वारा निर्मित स्वर्ण महल में विराजित भगवान सोमनाथ की मनोहारी झांकी के दर्शनार्थ भक्तों का सैलाब शाम से देर रात तक उमड़ता रहा। विधायक गोलू शुक्ला ने संध्या को आरती में शामिल कर झांकी का पूजन किया। देर रात तक इस मनोहारी झांकी को निहारने के लिए मंदिर पर भक्तों की कतारें लगी रही। स्वर्ण महल में विराजित भगवान सोमनाथ की यह कृति गुजरात में देवी अहिल्याबाई द्वारा स्थापित शिवलिंग के नजदीक नए मंदिर में समुद्र तट पर स्थापित है।
हरियाली से श्रृंगार किया-माली मोहल्ला एमओजी लाइंस स्थित संत लादूनाथ महाराज गुरु आश्रम न्यास समिति के तत्वावधान में महंत रामकिशन महाराज के सानिध्य में सभी प्रतिमाओं का आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर स्थित संत लादूनाथ की प्रतिमा के साथ ही महाप्रचंड हनुमानजी एवं नीलकंठेश्वर महादेव का हरियाली से श्रृंगार किया गया। रात्रि को भजन गायकों ने मालवी, निमाड़ी और मारवाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां दी।
35 हजार पार्थिव शिवलिंग का पूजन- कालानी नगर स्थित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर, हुजूरगंज में महिलाओ ने 35 हजार पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर रुद्राभिषेक आचार्य पंडित शैलेन्द्र तिवारी के सानिध्य किया। श्रावण मास शिव आराधना महीनेभर 9 अगस्त तक चलेगा। अभिषेक के साथ महाआरती की गई। महादेव का विशेष श्रृंगार भी किया गया। आयोजन में पंचकुइयां पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामगोपाल दास महाराज भी पधारे। श्रावण मास शिव आराधना 9 अगस्त तक प्रतिदिन वेद मंत्रों के बीच नि:शुल्क पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक सुबह 10 बजे 1 बजे तक होगा।