लुधियाना (25 जुलाई 26)। लुधियाना के इंटरनेशनल पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शुभम वाधवा ने अपनी कड़ी मेहनत, हिम्मत और पक्के इरादे से एक और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। साल 2016 में एक गंभीर सड़क दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी और वे लगभग 2 साल तक बिस्तर पर रहे। लेकिन टेबल टेनिस ने उन्हें एक नई ज़िंदगी, नई हिम्मत और एक नया मकसद दिया। आज वे 10 बार के नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट और भारत के लिए 20 इंटरनेशनल मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के तौर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
हाल ही में, शुभम वाधवा ने 18 से 22 जुलाई, 2026 तक थाईलैंड के नाखोन रत्चासिमा में हुए ITTF वर्ल्ड पैरा एलीट टूर्नामेंट में भाविना पटेल के साथ मिक्स्ड डबल्स XD-7 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। वह एलीट टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाले पुरुषों की कैटेगरी में पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। अभी, शुभम वाधवा की रैंकिंग भी बहुत अच्छी है। वह मिक्स्ड डबल्स में वर्ल्ड नंबर-4 और एशियन नंबर-3 पर हैं, जबकि सिंगल्स में वह वर्ल्ड नंबर-15, एशियन रैंकिंग 6 और इंडिया में नंबर-1 पर हैं। शुभम ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य 2026 में जापान में होने वाले एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना, थाईलैंड में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करना और 2028 पैरालंपिक गेम्स में इंडिया के लिए मेडल जीतना है। इसलिए, ओस्ट्रावा और चीन में होने वाले आने वाले टूर्नामेंट उनके लिए बहुत जरूरी हैं, क्योंकि इनके जरिए वह अपनी एशियन रैंकिंग बनाए रखने और बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई करने की कोशिश करेंगे।
शुभम ने अपने सफर में सपोर्ट के लिए लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) पायल गोयल, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी लुधियाना के सेक्रेटरी नवनीत जोशी, एक्ट ह्यूमन फाउंडेशन की हरलीन कौर और प्राइम स्टील प्रोसेसर दीवाकर जैन का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि अपने शुभचिंतकों के लगातार सपोर्ट, कड़ी मेहनत और लगन से, वह भविष्य में भारत के लिए और ज़्यादा इंटरनेशनल मेडल जीतने और दुनिया भर में देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी तरह से कमिटेड हैं।