भोपाल (27 अगस्त 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीराम ने 11 वर्ष निवास किया, वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने प्रदेश में आचार्य सांदिपनि आश्रम, उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। इस नाते मध्यप्रदेश गौरवशाली प्रदेश है। मध्यप्रदेश सरकार ने भारतीय समाज के इन दोनों प्रमुख आराध्यों की प्रदेश से जुड़ी स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए उन स्थानों के विकास का निर्णय लिया है, जहां इन आराध्यों के चरण पड़े। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व एवं मध्यप्रदेश में शिक्षा प्राप्ति से जुड़े विभिन्न पक्षों पर शोध को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्रेरणा देती है। मध्यप्रदेश के परिप्रेक्ष्य में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश आने के साथ ही जगत गुरू के रूप में स्थापित होना ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन्माष्टमी कार्यक्रम में पधारे जनप्रतिनिधियों, विशिष्टजन और नागरिकों का हृदय से स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण और पूजन से हुआ।