मथुरा (10 अगस्त 26)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कार सेवा के आह्वान के बीच मथुरा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। किसी भी तरह की शांति व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए जन्मभूमि परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी नई परंपरा या गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। कार सेवा के लिए पहुंचने की कोशिश करने वालों को पुलिस ने मौके से वापस भेज दिया। हालिया रिपोर्टों में भी जन्मभूमि क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और फ्लैग मार्च की जानकारी सामने आई है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर पहले से चल रहे संवेदनशील कानूनी विवाद के बीच कार सेवा के आह्वान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को देखते हुए किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या कोई नई परंपरा शुरू हो। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार इलाके पर नजर रख रही हैं। संगठनों और संबंधित लोगों से बातचीत भी की जा रही है, ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे। कार सेवा के आह्वान के बीच आगरा से आईं मीरा ठाकुर ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने की कोशिश की। पुलिस पहले से ही सतर्क थी, इसलिए उन्हें मौके तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया। पुलिस के मुताबिक, उन्हें स्थिति और प्रशासन के निर्देशों की जानकारी देकर वापस भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
मथुरा के एसपी सिटी राजीव कुमार के मुताबिक, श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले में अदालतों के आदेश लागू हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय की रिट संख्या 4/23 और उच्चतम न्यायालय की मूल रिट 611/93 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी गैरकानूनी गतिविधि या नई परंपरा की शुरुआत की अनुमति नहीं है। पुलिस का कहना है कि कार सेवा के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में जैसे ही लोग वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें मौके से हटाकर उनके संबंधित थाना क्षेत्रों में वापस भेजा जा रहा है।