Tuesday, 29 Sep 2026

श्रीकृष्ण पाथेय के लिए राजस्थान के साथ मिलकर करेंगे काम

भोपाल (07 मार्च 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण पाथेय के संदर्भ में मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार एकमत है। हम राजस्थान सरकार के साथ मिलकर श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के गुजरात गमन पथ के विकास के लिए हम गुजरात सरकार से सहयोग लेकर इस दिशा में काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का ईश्वरीय स्वरूप तो स्तुत्य है ही, हमारी सरकार उनके दूसरे महत्वपूर्ण पक्षों को भी समाज के समक्ष प्रकाश में लाएगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करना, सुदामा से मित्रता निभाना, वनवासी से प्रेम और गुरू-शिष्य परम्परा की मिसाल कायम करने जैसे प्रसंग शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को (समत्व भवन) मुख्यमंत्री निवास में श्रीकृष्ण पाथेय के संबंध में विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए सभी समितियों को सक्रिय किया जाए। पुरातत्वविदों, धर्माचार्यों एवं भगवान श्रीकृष्ण साहित्य के अच्छे लेखकों को भी इस समिति में जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए भोपाल में आयोजित इस बैठक के अलावा उज्जैन और राजस्थान के जयपुर या भरतपुर या ब्रज या चौरासी कोस या अन्य किसी विशिष्ट स्थल पर समिति बैठकें की जाएं। इससे दोनों राज्यों में श्रीकृष्ण पाथेय के लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा लोक कल्याण के लक्ष्य पूर्ति के लिए यद्यपि मथुरा, उज्जैन, द्वारिका, ब्रज मंडल, मेवात, हाड़ौत, मालवा, निमाड़, गुजरात, राजस्थान, विदर्भ, महाराष्ट्र के अनेक क्षेत्रों की यात्राएं की गईं, तथापि उनकी यात्रा का प्रमुख केन्द्र उज्जैन ही रहा था।

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