जम्मू (26 मई 25)। आगामी 3 जुलाई से शुरू हो रही वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जिसके चलते इस बार सुरक्षा बलों की विशेष टुकड़ियों को तैनात करने की योजना बनाई है। पहलगाम में आतंकवादी हमले और पाकिस्तान से बने तनाव के बीच श्री अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से आयोजित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, उपराज्यपाल और पुलिस महानिदेशक स्तर पर श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर बैठकों का आयोजन हो रहा है और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। श्री अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलनी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहलगाम आतंकी हमले से उपजे हालात के बीच श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को इस बार पिछले सालों के मुकाबले कड़ा किया जा रहा है। तीर्थ यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों और यात्रा को निर्बाध बनाए रखने, यात्रा मार्ग के विभिन्न हिस्सों के सुरक्षा ग्रिड मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात ने पुलिस नियंत्रण कक्षा में पुलिस, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर श्री अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को तीर्थ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने के लिए एसओपाी के अनुपालन को सुनिश्चित बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यअधिकार क्षेत्रों में आतंकरोधी अभियान तेज करने और आतंकवादियों के पारिस्थितिक तंत्र को नष्ट करने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए भी कहा है।