इंदौर (05 अक्टूबर 25)। शहर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपना शताब्दी उत्सव मनाया। सुबह और शाम शहर के 34 विभिन्न स्थानों से निकले पथ संचलन में करीब दो लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। संघ ने इस बार नियमित स्वयंसेवकों के साथ आम लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा था, जिसमें वे सफल रहे। बीते वर्ष करीब 70 हजार स्वयंसेवक इस आयोजन में शामिल हुए थे। इस वर्ष यह संख्या तीन गुना तक पहुंच गई।
इस बार के पथ संचलन में संघ के नियमित स्वयंसेवकों अलावा कई प्रोफेशनल्स भी शामिल हुए। सभी संघ के पारंपरिक गणवेश में कदमताल करते नजर आएं। संघ ने वरिष्ठ और बुजुर्ग स्वयंसेवकों के लिए विशेष व्यवस्था की थी। जो स्वयंसेवक अधिक दूरी तक चलने में सक्षम नहीं थे, उन्होंने अपने घरों की छतों या विशेष रूप से बनाए गए मंचों से पथ संचलन का स्वागत किया। पथ संचलन के मार्गों को भगवा ध्वजों से सजाया गया। सैकड़ों सामाजिक संगठनोँ ने पथ संचलन मार्ग पर स्वागत मंच लगाकर स्वागत किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर संचलन की आरती भी उतारी। इस दौरान आरएसएस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष बंदोबस्त किए थे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी संचलन अपने तय स्थान से प्रातः 9:00 से 10:30 तथा सायं 4:00 से 5:30 के मध्य निकले। प्रत्येक नगर के अंतर्गत संचलन का मार्ग लगभग 3 से 4 किमी का था। इस प्रकार पथ संचलनो ने अलग-अलग स्थानों पर कुल 170 किमी का फासला तय किया।