Saturday, 03 Oct 2026

संतों के धैर्य के आगे विफल हुए सनातन विरोधी: योगी

प्रयागराज (02 फरवरी 25)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पहले हुई भगदड़ की घटना के बाद संयमित आचरण के लिए संतों और अखाड़ों की शनिवार को तारीफ की। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर महाकुंभ की आभा धूमिल करने का प्रयास करने वालों की आलोचना भी की। शनिवार को सेक्टर-22 में दो संतों संतोष दास सतुआ बाबा और स्वामी राम कमलाचार्य के पट्टाभिषेक के लिए आयोजित धर्म सभा कार्यक्रम में पहुंचे योगी ने कहा, 'संतों और अखाड़ों ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से चुनौतियों का सामना करते हुए इस अभियान को आगे बढ़ाया है।' मुख्यमंत्री ने तीन फरवरी को बसंत पंचमी के अमृत स्नान से पहले महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के लिए किए गए उपायों का जायजा लेने के लिए इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। 

उन्होंने संगम नोज के उस स्थान का भी जायजा लिया, जहां मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ मची थी। योगी ने कहा, 'सनातन धर्म ही मानव धर्म है। सनातन रहेगा, तो मानव धर्म रहेगा, मानवता रहेगी, सृष्टि रहेगी। मैं उन पूज्य संतों का अभिनंदन करूंगा, जिन्होंने मौनी अमावस्या के अवसर पर पूरे धैर्य से स्थिति का सामना किया। कुछ पुण्यात्माएं हादसे का शिकार हुईं, लेकिन उन परिस्थितियों में हमारे संत एक अभिभावक के रूप में नजर आए।' उन्होंने कहा, 'जैसे परिवार के ऊपर कोई विपत्ति आती है, तो परिवार का अभिभावक भयभीत नहीं होता। उसी तरह संतों ने हिम्मत के साथ खड़े होते हुए इस चुनौती का सामना किया और इससे उबरने में हमारी मदद की।' योगी ने कहा, 'आपने देखा होगा जो सनातन धर्म के विरोधी हैं, वो प्रयास कर रहे थे कि संतों का धैर्य जवाब दे जाए और उसके बाद जग-हंसाई कराई जाए, लेकिन मैं उन पूज्य संतों का अभिनंदन करूंगा, जिन्होंने उन परिस्थितियों में इस आयोजन को अपना आयोजन मानकर पूरे धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करते हुए पुण्यात्माओं के प्रति श्रद्धांजलि भी दी और मां गंगा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन भी किया।'



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