संभल (25 नवंबर 24)। उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद में अदालत के आदेश पर रविवार को किये जा रहे सर्वेक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को जलाने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। प्रशासन ने हिंसा और बवाल को रोकने के लिए संभल में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन 12वीं तक स्कूल को बंद कर दिया है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘उपद्रवियों ने गोलियां चलाईं और कुछ छर्रे हमारे पुलिसकर्मियों को लगे। जहां से गोलियां चलाई गईं, खास तौर पर दीपा सराय इलाके से, उसकी हम जांच कर रहे हैं।' मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने संभल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले में उपद्रवियों के दो तीन समूह थे, जो लगातार गोलीबारी कर रहे थे। पुलिस प्रशासन ने सर्वे करने आई टीम को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि समूहों में उपद्रव करने वालों में एक समूह के लोग नखासा में चले गये और पथराव शुरू कर दिया। सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने इन सभी भगाया। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में 20 से 25 वर्ष के बीच की उम्र के तीन लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने कहा कि मृतकों की शिनाख्त मोहल्ला कोट गर्वी निवासी नईम, सरायतरीन निवासी बिलाल और हयातनगर निवासी नोमान के रूप में हुई है। मंडल आयुक्त ने कहा कि इस हिंसा, गोलीबारी और पथराव में पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के पैर में गोली लगी है, जबकि उप जिलाधिकारी का पैर टूट गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी छर्रे लगे हैं और अब स्थिति नियंत्रण में है। आयुक्त ने कहा कि पथराव में शामिल दो महिलाओं को पकड़ा गया है और लगभग 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके पहले एक अधिकारी ने बताया कि 02 महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया है। हिंसा की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों में आग लगाने की भी कोशिश की।