वाराणसी (01 अप्रैल 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कर्मक्षेत्र भी है। उनके नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सशक्त राष्ट्र बनकर उभरा है, जो स्थिरता, संभावनाओं और भरोसे का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। वाराणसी की तरह उज्जैन भी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोनों ही शहरों में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक रिश्ते होने के साथ सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस क्रम में आज आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को आधार प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को बनारस में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारम्परिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग सम्मेलन का वाराणसी के होटल रामाडा में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति तथा ओडीओपी की पहल को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा अंतर्राज्यीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिये उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के मध्य 2 महत्वपूर्ण एमओयू हुए। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उत्तर प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री गुप्ता, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री सचान, सचिव, पर्यटन विभाग एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड डॉ. इलैया राजा और अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।