नईदिल्ली (13 मार्च 26)। लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत के साथ ही संसद में हंगामा शुरु हो गया। अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के बाद स्पीकर ओम बिरला आज वापस आसन पर लौटे, लेकिन सदन में शांति बहाल नहीं हो सकी। विपक्ष के जोरदार हंगामे और वेल में आकर नारेबाजी करने के कारण स्पीकर को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया के युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग बंद होने से देश में LPG का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिसका सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ रहा है। राहुल ने सख्त लहजे में कहा, 'अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल और गैस खरीदेंगे?' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति के चलते देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता हुआ है। हंगामा तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने ट्रेजरी बेंच की ओर इशारा करते हुए एपस्टीन का नाम लिया। उन्होंने एक मंत्री का जिक्र करते हुए उनके कथित संबंधों पर टिप्पणी की, जिससे सत्ता पक्ष के सांसद भड़क गए। सदन में शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरla को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्पीकर ने राहुल गांधी को बीच में टोकते हुए कहा, 'आपने जिस विषय पर नोटिस दिया है, उसी पर बोलिए। सदन के नियमों से बाहर जाकर किसी को भी बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।' जब स्पीकर ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को बोलने का मौका दिया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले विपक्ष के नेता को अपनी बात पूरी करने दी जाए।