भोपाल (07 जुलाई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प 'एक निशान, एक विधान और एक प्रधान' को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में 'एक देश एक विधान' विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है।