Monday, 28 Sep 2026

सनी ने जो किया, वह बिल्कुल जायज था: हेमा मालिनी

मुंबई (06 जनवरी 26)। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के जीवन के आखिरी दौर और उनके निधन के बाद जिस तरह की खबरें और दृश्य सामने आए थे, उन्होंने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया था। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर अंतिम विदाई तक, मीडिया की लगातार मौजूदगी और कुछ भ्रामक रिपोर्ट्स ने हालात को और कठिन बना दिया था। इस दौरान मीडिया और सनी देओल के बीच अनबन भी हुई और उन्होंने पैपाराजी को जमकर लताड़ा। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर धर्मेंद्र की पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है।

एक हालिया साक्षात्कार में हेमा मालिनी ने उन कठिन दिनों का जिक्र करते हुए मीडिया के व्यवहार पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र जी के अस्पताल में रहने से लेकर उनके अंतिम विदाई तक, परिवार को एक पल की भी शांति नहीं मिली। हेमा ने बताया कि मीडियाकर्मी और फोटोग्राफर्स उनकी कारों का इस कदर पीछा कर रहे थे कि सुरक्षित निकलना भी दूभर हो गया था। हेमा मालिनी के अनुसार, जब कोई परिवार अपने सबसे प्रिय सदस्य को खोता है, तो वह नितांत निजी पल होते हैं, लेकिन कैमरों की चकाचौंध ने उन जज्बातों का सम्मान नहीं किया। धर्मेंद्र के निधन के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सनी देओल फोटोग्राफर्स पर भड़कते और उन्हें तमीज सिखाते नजर आए थे। इस पर पैपराजी और सोशल मीडिया के एक वर्ग ने सनी की आलोचना की थी। लेकिन अब हेमा मालिनी उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी हैं। हेमा मालिनी का बयान: 'सनी ने जो किया, वह बिल्कुल जायज था। वह एक बेटा है जिसने अपने पिता को खोया था। उस भावनात्मक उथल-पुथल के बीच अगर कोई आपकी प्राइवेसी में खलल डाले, तो प्रतिक्रिया देना स्वाभाविक है। मीडिया का वह व्यवहार मानसिक प्रताड़ना (हैरसमेंट) जैसा था।' सनी देओल के उस व्यवहार को लेकर मनोरंजन जगत में दो फाड़ नजर आए थे। जहां कुछ पैपराजी ने इसे सनी का 'अहंकार' बताया, वहीं हेमा मालिनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह गुस्सा अहंकार नहीं, बल्कि एक दुखी बेटे की बेबसी थी। हेमा ने साफ किया कि कठिन समय में परिवार को अपनी तरह से शोक मनाने का हक होना चाहिए, न कि उन्हें कैमरों के लिए पोज़ देने पर मजबूर किया जाना चाहिए।

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