पत्तनमथिट्ठा (06 फरवरी 25)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि हिंदू समाज तभी 'फल-फूल' सकता है, जब वह एकजुट हो। उन्होंने सभी हिंदुओं को उनकी जाति, क्षेत्र या भाषा से परे एक मानने का आह्वान किया। केरल के पत्तनमथिट्ठा में चेरुकोलपुझा हिंदू धार्मिक सम्मेलन के हिस्से के रूप में आयोजित हिंदू एकता सम्मेलन में भागवत ने कहा कि एकजुट समाज फलता-फूलता है, जबकि खंडित समाज मुरझा जाता है।
उन्होंने कहा कि हिंदू होना एक 'स्वभाव' है, जिसमें लोग पढ़ाई-लिखाई का इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने के लिए, धन का इस्तेमाल दान के लिए और ताकत का इस्तेमाल कमजोरों की मदद करने के लिए करते हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हिंदू धर्म में कोई भी श्रेष्ठ या निम्न नहीं है; जाति कोई मायने नहीं रखती और 'छुआछूत के लिए कोई जगह नहीं' है। उन्होंने सभी हिंदुओं से एक-दूसरे का सम्मान करने का आग्रह किया और कहा कि अगर 'सभी हिंदू एकजुट हो जाएं, तो इससे दुनिया को फायदा होगा।' भागवत ने कहा, 'हमारे युवा नशे के आदी क्यों हैं? ऐसा इसलिए है, क्योंकि घर में कोई ‘संस्कार' नहीं हैं।' उन्होंने कहा, 'अगर सभी लोग एकजुट होकर काम करें, तो हिंदू एकता हासिल की जा सकती है। पूरी दुनिया इंतजार कर रही है कि हिंदुस्तान उनका मार्ग दर्शन करे।' भागवत दो दिवसीय दौरे पर केरल में हैं और वह छह फरवरी को राज्य से रवाना होंगे। आरएसएस प्रमुख संगठनात्मक गतिविधियों के तहत जनवरी में छह दिनों के लिए केरल में थे।