भोपाल (19 जनवरी 25)। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 20 जनवरी से 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। किसान स्वयं के मोबाईल से एम.पी. किसान एप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। किसानों को पंजीयन केन्द्रों में लाईन लगाकर पंजीयन कराने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपये घोषित किया गया है। यह गत वर्ष से 150 रुपये अधिक है।
पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र और एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा।