भोपाल (19 फरवरी 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई (I) को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट 'समृद्ध मध्यप्रदेश, सम्पन्न मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश, सांस्कृतिक मध्यप्रदेश' के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद यह विचार व्यक्त किए। राज्य सरकार ने रोलिंग बजट को अपनाते हुए वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा गया है। रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला संभवतः मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28 हजार 158 करोड़ रूपए, आदान व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 64 हजार 995 करोड़ रूपए, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8 हजार 91 करोड़ रूपए, सुरक्षा चक्र के लिए 13 हजार 769 करोड़ रूपए सहित कृषि कल्याण के लिए कुल 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। देश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपये 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। सिंहस्थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रूपये का प्रावधान है। बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रूपये का प्रावधान है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।