नईदिल्ली (26 मई 26)। कांग्रेस ने रिजर्व बैंक द्वारा सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश देने की घोषणा के बाद मंगलवार को दावा किया कि केंद्र की वित्तीय स्थिति उतनी अच्छी नहीं है, जैसा कि बताया जा रहा है तथा यह इससे भी साबित होता है कि आरबीआई ने उस पर 'मेहरबानी' की है। रिजर्व बैंक ने बीते शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की।
इस फैसले से पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ते आयात बिल और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बीच सरकारी खजाने को मजबूत सहारा मिलेगा। यह अधिशेष वित्त वर्ष 2024-25 के 2.69 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 6.7 प्रतिशत अधिक है, जो केंद्रीय बैंक की मजबूत आय स्थिति को दर्शाता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति उतनी अच्छी नहीं है जितनी बताई जा रही है। यह इस तथ्य से साबित होता है कि आरबीआई ने उस पर मेहरबानी की है और उसे एक बड़ा बोनस दिया है।'
उधर भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करने के लिए 'डर पैदा करने वाले और गुमराह करने वाले' तर्क देने का आरोप लगाते हुए उन पर तीखा हमला बोला। रमेश, जो कांग्रेस पार्टी के संचार प्रमुख भी हैं, ने X पर कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण '3Fs' (ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, लेकिन 'सबसे महत्वपूर्ण चौथे F: निजी निवेश की गिरती दरों" को नज़रअंदाज़ कर रही हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से साफ दिखाई दे रही हैं।