नईदिल्ली (29 अगस्त 24)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि सरकार जिन योजनाओं को उपलब्धियां बता रही हैं वे योजनाएं कांग्रेस सरकार में बनी थीं लेकिन मोदी सरकार ने उनके नाम बदले और अब उन्हीं योजनाओं को जन-धन की लूट का जरिया बनाया जा रहा है। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकों को जन-धन की लूट का साधन बनाया है और खाते में न्यूनतम राशि नहीं होने का बहाना बनाकर हजारों खाते बंद कर गरीबों का पैसा डकारा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने गरीब जन-धन बैंक खाताधारकों को धोखा नहीं दिया है तो उसे उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सरकार से तीन सवाल किए और पूछा ‘क्या ये सच नहीं कि 10 करोड़ से ज़्यादा जन-धन बैंक खाते बंद हो चुके हैं, जिनमें क़रीब 50 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। इनमें दिसंबर 2023 तक 12,779 करोड़ रुपए जमा थे। बीस फीसद जन-धन खाते बंद होने का जिम्मेदार कौन है। क्या यह सही नहीं है कि पिछले 9 वर्षों में जनधन खातों में औसत बैलेंस 5000 रुपये से कम यानी सिर्फ 4,352 रुपए है। इतने से पैसों में भाजपाई कमरतोड़ महंगाई के बीच, एक गरीब व्यक्ति कैसे अपना जीवन यापन कर सकता है।' खरगे ने संसद में सरकार के एक जवाब का हवाला देते हुए कहा, 'क्या ये सच नहीं है कि आम खातों और जन-धन खातों को जोड़कर, मोदी सरकार ने 2018 से 2024 तक कम से कम 43,500 करोड़ रुपए केवल न्यूनतम बैलेंस न होने पर, अतिरिक्त एटीएम ट्रांजेक्शन, एसएमएस शुल्क पर वसूली करने से लूटे हैं।'