इंदौर (02 सितंबर 25)। सराफा बाजार में चौपाटी लगाने को लेकर उपजा टकराव सोमवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ हुई सराफा व्यापारियों की बैठक में शांत हो गया। बीते दो सप्ताह से व्यापारी चौपाटी का विरोध कर रहे थे। उन्होंने 1 सितंबर 2025 से सराफा में चौपाटी नहीं लगने देने की चेतावनी दी थी, जबकि महापौर भार्गव ने कहा था कि सराफा चौपाटी इंदौर की धरोहर है, जिसको हटाया नहीं जा सकता। इसी टकराव के बीच अब बीच का रास्ता निकाला गया है। जिसके अनुसार सराफा बाजारा में सड़क के एक छोर पर परंपरागत व्यंजन की चौपाटी लगाई जाएगी। वही दूसरी और सराफा बाजार में दुकानें रात दस बजे तक चालू रहेंगी। महापौर भार्गव ने बताया कि सराफा चौपाटी को उसके मूल स्वरूप, धरोहर महत्व और सुरक्षा के साथ संरक्षित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने ठोस पहल की है। सभी पक्षों की राय लेकर 9 सदस्यीय समिति बनाई जा रही है। इसमें 3 सदस्य सोना-चांदी व्यापारियों के, 3 चौपाटी व्यापारियों के और 3 सदस्य निगम अधिकारियों और एमआईसी सदस्यों के साथ महापौर स्वयं भी शामिल रहेंगे। यह समिति 5 से 7 दिनों में स्वरूप, समय-निर्धारण और सुरक्षा पर खाका तैयार और अन्य मापदंड तैयार करेंगे।