नईदिल्ली (14 अगस्त 26)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव निधि तिवारी की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। लखनऊ की रहने वाली निधि तिवारी भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी हैं, जिन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने के लिए एक लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया है।
निधि तिवारी का जन्म और शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में हुई, जहां से उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन किया, जहां अपनी बेहतरीन प्रतिभा के दम पर उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद निधि का चयन देश के प्रतिष्ठित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में एक वैज्ञानिक के रूप में हुआ। वैज्ञानिक के रूप में एक बेहतरीन करियर होने के बावजूद, निधि के मन में देश सेवा और सिविल सर्विसेज में जाने का सपना था। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने साल 2008 में बार्क की अपनी सुरक्षित नौकरी से इस्तीफा दे दिया और संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी में जुट गईं।
UPSC की यह राह निधि तिवारी के लिए आसान नहीं थी। साल 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में उनका नाम केवल वेटिंग लिस्ट में ही आ सका। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कोशिशें लगातार जारी रखीं। आखिरकार, साल 2013 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 96वीं रैंक हासिल की। अपनी शानदार रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय विदेश सेवा (IFS) आवंटित की गई और वे 2014 बैच की अधिकारी बनीं। PMO में कदम रखने से पहले निधि तिवारी ने विदेश मंत्रालय में निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर गहराई से काम किया था। नवंबर 2022 में उन्होंने पीएमओ में अवर सचिव के रूप में कार्यभार संभाला, जिसके बाद उनके शानदार काम को देखते हुए उन्हें उप सचिव के पद पर प्रमोट किया गया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर काम किया है। वर्तमान में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में देश सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।