Thursday, 01 Oct 2026

साइबर क्राइम की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें: सीएम

भोपाल (13 नवंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट या अन्य साइबर क्राइम की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी जागरूकता, साइबर जालसाजों का साहस के साथ सामना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इन अपराधों से बचा जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी लोगों को इस दिशा में जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गत दिवस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट से बचाने के उपाय बताते हुए कहा था कि डिजिटल अरेस्ट से डरे नहीं, रूकें, सोचें तथा एक्शन लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय में मीडिया को संवाद कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि साइबर पुलिस द्वारा 9 नवम्बर को अरेरा कॉलोनी भोपाल निवासी व्यक्ति के डिजिटल अरेस्ट में त्वरित कार्रवाई कर लाईव रेड करते हुए उन्हें मुक्त कराकर करोड़ों रूपए के साइबर फ्राड से बचाने की कार्यवाही की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की साइबर पुलिस को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। संभवत: डिजिटल अरेस्ट में लाईव रेड का देश-दुनिया का यह पहला ऐसा प्रकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साइबर पुलिस की दक्षता और त्वरित कार्यवाही की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख, डीआईजी साइबर सेल युसुफ कुरैशी और त्वरित रूप से घटना स्थल पहुंचने वाले उप निरीक्षक साइबर सचिन यादव की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए कार्य जारी है। प्रत्येक जिले में साइबर थाना आरंभ करने के साथ ही प्रदेश के प्रत्येक थाने में साइबर डेस्क स्थापित की जा रही है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। प्रदेश में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर साइबर अपराध रोकथाम के उपायों की जानकारी जन-जन को दी जाएगी। 


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