भोपाल (20 दिसंबर 24)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की उन्नति ने साइबर अपराधों के स्वरूप को बदला है। साइबर अपराध के बदलते पैटर्न जैसे- डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग, फिशिंग आदि से समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है। राज्यपाल पटेल मेनिट भोपाल में 'रिसेंट ट्रेंड्स इन इमेज प्रोसेसिंग एण्ड पैटर्न रिकग्निशन' विषय पर 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आरटीआईपी 2 आर- 2024 के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मेनिट परिसर में आयोजित किया गया है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज का समय डिजिटल युग है। इसलिए समाज को विज्ञान और तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों के बारे में जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विशेषज्ञों से कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित विज्ञान और तकनीकी ज्ञान की प्रगति का समाज और राष्ट्र के हित में विमर्श करे। सम्मेलन के माध्यम से तकनीक के परिवर्तनकारी क्षेत्रों के विकास में अपना योगदान देने आगे आए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है। राज्य में तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक दूरदर्शी दृष्टिकोण और अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नीति और रीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के विषय के अनुरूप है। उन्होंने पारस्परिक सहयोग से डिजिटल क्रांति के मुख्य घटक इमेज प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सम्भावनाओं पर पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया। उनका पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया।