नईदिल्ली (22 जुलाई 26)। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर), ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के साथ मिलकर आज मेघालय राज्य में हल्दी की खेती और मूल्य श्रृंखला विकास के लिए ₹175.45 करोड़ की समन्वित पहल 'मिशन गोल्डन स्पाइस-एकीकृत लकाडोंग हल्दी मूल्य श्रृंखला संवर्धन परियोजना' का शुभारंभ किया। इस मिशन को पांच साल (2025–2030) के चरणबद्ध रोडमैप के तौर पर तैयार किया गया है, जिसे दो चरणों में लागू किया जाएगा-पहला चरण वैल्यू-चेन को मजबूत करना और दूसरा चरण विस्तार और बड़े पैमाने पर काम करना। इसका मकसद मेघालय की खास पहचान (यूएसपी), जीआई-टैग वाली लाकाडोंग हल्दी को बढ़ावा देना है।
एमडीओएनईआर और उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के नेतृत्व में, यह मिशन राज्य में एक एकीकृत हल्दी मूल्य-श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय, साथ ही एपीईडीए, मसाला बोर्ड, राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, आईसीएआर, मीत्यवाई, नाबार्ड, एसएफएसी और मेघालय सरकार की योजनाओं और हस्तक्षेपों के साथ समन्वय पर आधारित है। निवेदिता शुक्ला वर्मा, सचिव, एमडीओएनईआर, ने अपने प्रारंभिक संबोधन में मिशन के कार्यान्वयन ढांचे पर विस्तार से चर्चा की और मेघालय के लकाडोंग हल्दी की पूर्ण आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए मिशन-आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि इसमें असाधारण रूप से उच्च करक्यूमिन सामग्री (7-10%), विशिष्ट सुगंध और प्रबल पोषक गुणों के बावजूद, अपर्याप्त प्रसंस्करण सुविधाओं, अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, कमजोर बाजार संबंधों और उच्च मूल्यवर्धन के अभाव के कारण छोटे किसानों की आय सीमित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रसंस्कृत और निर्यात योग्य उत्पादों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में काफी अधिक कीमत प्राप्त करने की क्षमता है।