भोपाल (08 अप्रैल 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ: 2028 के लिए प्रस्तावित सभी कार्य वर्ष 2027 की दीपावली तक आवश्यक रूप से पूर्ण कर लिए जाएं। सिंहस्थ के सफल संचालन, विकास कार्यों की निगरानी और समीक्षा तथा सूचना शिक्षा-संचार गतिविधियों के लिए आवश्यक अधिकारियों-कर्मचारियों की संबंधित विभागों से तत्काल पूर्ति की जाए। सिंहस्थ के सफल संचालन के लिए पर्याप्त अधिकारियों-कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सिंहस्थ से संबंधित विभिन्न दायित्वों के लिए सघन प्रशिक्षण की व्यवस्था आरंभ की जाए। अधोसंरचना से संबंधित सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति की मंगलवार को मंत्रालय में हुई 5वी बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री मंडलीय समिति की आगामी बैठक उज्जैन में की जाए। मंत्री मंडलीय समिति ने 2 हजार 923 करोड़ 84 लाख रूपए राशि के 22 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ:2028 के लिए हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट आवश्यक रूप से कराया जाए। सिंहस्थ:2028 के लिए उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले भवनों का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे वे सिंहस्थ:2028 के बाद होने वाले वार्षिक आयोजनों के लिए भी उपयोगी हों। इसी प्रकार सड़कों का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे महाकाल लोक के अतिरिक्त उज्जैन के अन्य प्रमुख तीर्थों तक आवागमन अधिक सुगम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूरदराज से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से उज्जैन के 100 कि.मी. रेडियस में होम-स्टे, पार्किंग, जन सुविधाएं विकसित करने को प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ के समस्त प्रबंधन में स्थानीय संस्थाओं के सहयोग और जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी पर पैदल तीर्थ यात्रियों के लिए पृथक से ब्रिज बनाने के निर्देश भी दिए।