भोपाल (07 दिसंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 63 वें होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने 'निष्काम सेवा' अर्थात बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के सत्यनिष्ठा से कर्तव्य करने का संदेश दिया है। इसी आदर्श पर चलते हुए होमगार्ड्स के जवान समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड में ‘होम’ का अर्थ घर और ‘गॉर्ड’ का अर्थ प्रहरी होता है। आप साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी हैं। होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर जनता के साथ खड़े होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को होमगार्ड्स परेड ग्राउंड भोपाल में होम गार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। होम गार्ड्स के जवानों ने बैंड की धुन पर मार्च पास्ट किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होमगार्ड के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद जब देश नागरिक सुरक्षा का ढांचा गढ़ रहा था, तब होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को सुरक्षा कवच दिया। चाहे बाढ़ का पानी हो, आग की लपटें हों, बड़ी दुर्घटना हो सबसे पहले जनता को आपका ही खयाल आता है। आप विपदाओं और समाज के बीच चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड का जवान उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सीमा पर खड़ा सैनिक, क्योंकि होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरीहैं। उन्होंने कहा कि 2014 में एसडीआरएफ के गठन के बाद होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ मिलकर एक त्रिशूल की तरह आपदा प्रबंधन को नई ऊँचाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को जीवनदान देकर आपने मानवता को सुरक्षित रखने का अद्वितीय कार्य किया है और इस वर्ष बाढ़ में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर देवदूतों की भूमिका निभाई है। डॉ. यादव ने ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ की घोषणा की, जिसके अंतर्गत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन क्षमता को लगातार सशक्त कर रही है। सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है और पाँच हजार से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी।