Wednesday, 30 Sep 2026

सिंहस्थ के लिये अभी से करें तैयारियां: मुख्यमंत्री

भोपाल (17 अक्टूबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला-2028 में पुन: होने वाला है। सिंहस्थ की तैयारियाँ अभी से प्रारंभ की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक आयोजन सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल ज्योर्तिलिंग उज्जैन के महाकाल लोक और दूसरे ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मध्यप्रदेश की पहचान धार्मिक नगरी उज्जयिनी में हर 12 वर्ष में होने वाले सिंहस्थ के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दृष्टि से सिंहस्थ प्रदेश के साथ ही राष्ट्र के लिये एक महत्वपूर्ण आयोजन है। पूरे विश्व में इसकी गूंज होती है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अधिक से अधिक सुविधाएँ देने के लिए नये निर्माण कार्य भी कराये जा रहे हैं। साथ ही वर्तमान सुविधाओं का उन्नयन भी किया जा रहा है। सिंहस्थ की सफलता के लिये अभी से तैयारियाँ शुरू करनी होगी। इन सभी कार्यों को शासकीय विभागों और अन्य उपक्रमों तालमेल के साथ पूर्ण करने के लिये जुटना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी योजना तैयार की जाये कि क्षिप्रा नदी हर हाल में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो और क्षिप्रा नदी में निरंतर शुद्ध जल का अविरल प्रवाह हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-महाकुंभ में दुनिया भर से करीब 15 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस वजह से उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखना बड़ी चुनौतीपूर्ण होगा। सिंहस्थ-2028 के 19 कार्यों के लिये 5 हजार 882 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्री-मंडलीय की पहली बैठक में दी गई। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के कार्यों को मंजूरी दी गई है।

Tags:

Follow us

This question is not available..!